श्रद्धांजलि


#श्रद्धांजलि (पुलवामा अटैक 2019)


"देकर निज-निज देह आहुति, गये समर मतवाले।
महाकाल के दूत कहां थे रण से डरने वाले।।
गूंजी हाहाकार मगर मिट सके न विधि के लेखे।
शोणित की अगणित बूदों में बलिदानी सर देखे।।
कालजयी!तुम अमर हुए , हो गयी अमर जयगाथा।
ऊंचा मस्तक किया भूमि का, देकर अपना माथा।।
धरती की छाती पर जीवित है यह अलख सयानी।।
युगों युगों तक अमर रहेगी जिनकी अमर कहानी।।"




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